Paryavarniya Adhyayan (Class : I-V) for UPTET/UTET/JTET/BTET/MPTET/CGTET/RTET/HTET


Price: ₹ 150.00
(as of Sep 25,2021 21:57:16 UTC – Details)


Uptet के अद्यतन सिलेबस के आधार पर प्रस्तुत पर्यावरणीय अध्ययन नामक इस पुस्तक के प्रथम संस्करण में एनसीईआरटी की कक्षा 3 से 5 तक के लिए पर्यावरण अध्ययन आस पास के नाम से नामित इन पुस्तकों का गहन अध्ययन एवं उनका UPTET के प्रश्नों के सन्दर्भ में निरीक्षण कर इनसे ऐसे महत्वपूर्ण तथ्यों को एक पुस्तक में समाहित करने का प्रयास किया गया है, ताकि अभ्यर्थियों को कोई दिक्कत नहीं हो । इस पुस्तक में निहित महत्वपूर्ण तथ्यों को एक अच्छे मार्गदर्शिका की तरह प्रस्तुत करने हेतु उसे वन लाइनर के रूप में व्यवस्थित किया गया है,ताकि अभ्यर्थियों को परीक्षा के अंतिम क्षणों में इसे पढ़ने में दिक्कत न हो,क्योंकि ये बहुत कम शब्दों में समाहित हैं। याद रहे कि इस पुस्तक में निहित विषयगत शिक्षण शास्त्र के मुख्य पहलुओं को स्पष्ट रूप से व करने हेतु हमारे लेखकों ने सीबीएससी एवं एनसीईआरटी के विषय विशेषज्ञों तथा प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षण देने वाले प्रशिक्षण शालाओं के प्रशिक्षकों से अध्यापन कला/ शिक्षण शास्त्र पर विशेष रूप से राय लेकर उसे अपने शब्दों में समझाने का प्रयास किया गया है,ताकि अभ्यर्थी इस विषयवस्तु को अच्छी तरह समझ कर इसके अंतर्गत पूछे जाने वाले प्रश्नों का सटीक उत्तर बड़ी आसानी से दे सकें। key features प्रस्तुत पुस्तक UPTET के अद्यतन सिलेबस के आधार पर लिखी गयी है,जो संबंधित परीक्षा के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी प्रस्तुत पुस्तक दो भागों यथा विषयवार अध्ययन सामग्री एवं विषयगत शिक्षण शास्त्र,में विभाजित है प्रत्येक अध्याय के विषयवार अध्ययन सामग्रियों में परीक्षोपयोगी महत्वपूर्ण तथ्यों को वन लाइनर के रूप में प्रस्तुत किया गया है जिनमें नवीनतम तथ्यों एवं आंकड़ों का स्पष्ट रूप से उपयोग किया गया है प्रत्येक अध्याय में अभ्यर्थियों के अभ्यासार्थ दो तरह के प्रश्नों को उनका उचित स्थान दिया गया है जिनमें 2011 से दिसंबर 2018 तक के सीटेट एवं विभिन्न हिंदी भाषी राज्यों के टेट के प्रश्न शामिल हैं UPTET की नवीनतम परीक्षा के अनुरूप पूर्ण रूप से मॉक टेस्ट पेपर्स भी समाहित विषयगत शिक्षण शास्त्र के चरित्र चित्रण के समय विषय विशेषज्ञों का अटूट सहयोग पुस्तक को प्रस्तुत करते समय इसमें निहित तथ्यों की भाषा शैली को सहज,सरल, स्पष्ट,रुचिकर एवं बोधगम्य बनाने का प्रयास.

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