Jaag Uthi Nari Shakti


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(as of Feb 03,2023 10:18:19 UTC – Details)


‘नारी’ और ‘शक्‍ति’ शब्दों को एक-दूसरे का पर्याय कहा जाए तो कोई अतिशयोक्‍ति नहीं होगी, क्योंकि यह नारी की ही शक्‍ति है कि वह अपने जैसे नर-नारियों को जन्म देती है। जब नारी के साथ ‘शक्‍ति’ शब्द जुड़ जाता है तो वह दुर्गा का साक्षात् अवतार ही बन जाती है और उसमें घर, समाज व दुनिया में व्याप्‍त बुराइयों के विरुद्ध लड़ने की एक अदम्य शक्‍ति उत्पन्न हो जाती है। कहते हैं, अत्याचार की अति एक क्रांति को, एक नव-परिवर्तन को जन्म देती है। प्रस्तुत पुस्तक की प्रत्येक अनुभूत कहानी में किरण बेदी ऐसी क्रांति, ऐसे नव-परिवर्तन को प्रत्यक्ष घटते हुए पाती हैं। प्रस्तुत पुस्तक में सामाजिक व आर्थिक बुराइयों की अंदरूनी सच्चाई के साथ-साथ समाज की घरेलू समस्याओं, महिलाओं से जुड़े मामलों, पुलिस प्रताड़ना, नशा, कैशोर्य समस्याओं और अपराध आदि का व‌िश्‍लेषण है। ये कहानियाँ समाज में व्याप्‍त उन असामाजिक लोगों को भी सावधान करती हैं, जो नारी शोषण करते और उसे प्रश्रय देते हैं। आज आधी आबादी की आवाज का दम नहीं घोंटा जा सकता। आज हर नारी शांति की ‘किरण’ है, जो बुराइयों के अँधेरे को अपनी अदम्य नारीत्व शक्‍ति से दूर करने के लिए कटिबद्ध है। नारी का सम्मान पुनर्स्थापित करने का एक विनम्र प्रयास है यह क्रांतिकारी पुस्तक।.



From the Publisher

Jaag Uthi Nari Shakti (Hindi) by Kiran Bedi

Jaag Uthi Nari Shakti (Hindi) by Kiran BediJaag Uthi Nari Shakti (Hindi) by Kiran Bedi

प्रस्तुत पुस्तक की प्रत्येक अनुभूत कहानी में किरण बेदी ऐसी क्रांति; ऐसे नव-परिवर्तन को प्रत्यक्ष घटते हुए पाती हैं।

‘नारी’ और ‘शक्‍ति’ शब्दों को एक-दूसरे का पर्याय कहा जाए तो कोई अतिशयोक्‍ति नहीं होगी; क्योंकि यह नारी की ही शक्‍ति है कि वह अपने जैसे नर-नारियों को जन्म देती है। जब नारी के साथ ‘शक्‍ति’ शब्द जुड़ जाता है तो वह दुर्गा का साक्षात् अवतार ही बन जाती है और उसमें घर; समाज व दुनिया में व्याप्‍त बुराइयों के विरुद्ध लड़ने की एक अदम्य शक्‍ति उत्पन्न हो जाती है।कहते हैं; अत्याचार की अति एक क्रांति को; एक नव-परिवर्तन को जन्म देती है। प्रस्तुत पुस्तक की प्रत्येक अनुभूत कहानी में किरण बेदी ऐसी क्रांति; ऐसे नव-परिवर्तन को प्रत्यक्ष घटते हुए पाती हैं।प्रस्तुत पुस्तक में सामाजिक व आर्थिक बुराइयों की अंदरूनी सच्चाई के साथ-साथ समाज की घरेलू समस्याओं; महिलाओं से जुड़े मामलों; पुलिस प्रताड़ना; नशा; किशोर समस्याओं और अपराध आदि का व‌िश्‍लेषण है। ये कहानियाँ समाज में व्याप्‍त उन असामाजिक लोगों को भी सावधान करती हैं; जो नारी शोषण करते और उसे प्रश्रय देते हैं। आज आधी आबादी की आवाज का दम नहीं घोंटा जा सकता। आज हर नारी शांति की ‘किरण’ है; जो बुराइयों के अँधेरे को अपनी अदम्य नारीत्व शक्‍ति से दूर करने के लिए कटिबद्ध है।नारी का सम्मान पुनर्स्थापित करने का एक विनम्र प्रयास है यह क्रांतिकारी पुस्तक।

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उन्होंने एक ऐसा संगठन बनाने का निश्‍चय किया, जो नशे की लत के आदी और समाज के सताए लोगों का मददगार बन सके और उनका जीवन सुधार सके। जाँबाज शीर्ष पुलिस अधिकारी किरण बेदी ने सदा सच्चाई का मार्ग चुना, चाहे उसमें कितने ही व्यवधान आए; आम आदमी में पुलिस के प्रति विश्‍वास उत्पन्न कराया और उनकी भरपूर मदद कर अपने पद को गरिमा दी। समाज-सुधार का पथ-प्रशस्त करती मर्मस्पर्शी जीवन-कथाओं का प्रेरक संकलन।

Jaag Uthi Nari Shakti

प्रस्तुत पुस्तक में सामाजिक व आर्थिक बुराइयों की अंदरूनी सच्चाई के साथ-साथ समाज की घरेलू समस्याओं, महिलाओं से जुड़े मामलों, पुलिस प्रताड़ना, नशा, कैशोर्य समस्याओं और अपराध आदि का व‌िश्‍लेषण है। ये कहानियाँ समाज में व्याप्‍त उन असामाजिक लोगों को भी सावधान करती हैं, जो नारी शोषण करते और उसे प्रश्रय देते हैं।

Bhrashtachar Bharat Chhodho

भ्रष्‍टाचार भारत की शासन प्रणाली में इस हद तक समाया हुआ है कि आम आदमी का प्रत्येक प्रशासनिक कार्य से विश्‍वास उठ चुका है। व्यापक तौर पर फैल चुकी इस भ्रष्‍टाचार रूपी बीमारी का इलाज केवल संपूर्ण तौर पर इस देश की राजनीति; जाँच व न्यायिक प्रणाली की कायापलट के द्वारा ही किया जा सकता है।

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Kiran BediKiran Bedi

Kiran Bedi

भारत की पहली महिला आई.पी.एस.

भारत की पहली महिला आई.पी.एस. किरण बेदी सन् 1972 में भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुईं। पुलिस सेवा में सबसे ऊँचे पद पर पहुँचनेवाली वे देश की पहली महिला पुलिस अधिकारी हैं। पुलिस और जेल विभाग में रचनात्मक सुधार करने की उन्हें पैंतीस साल से अधिक की विशेषज्ञता हासिल है।

समाज सेवा :

उनके लेख भी प्रमुख समाचार-पत्रों व पत्रिकाओं में नियमित रूप से छपते रहते हैं। वे दो स्वैच्छिक संगठनों—‘नवज्योति’ और ‘इंडिया विजन फाउंडेशन’ की संस्थापक हैं।

इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन, पुलिस और जेल-सुधार के विभिन्न उपक्रमों में वे अग्रणी भूमिका निभा चुकी हैं।

उपलब्धियां एवं सम्मान :

उन्होंने कानून, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट की उपाधियाँ हासिल की हैं। उन्हें एशिया का नोबेल पुरस्कार कहा जानेवाला प्रतिष्‍ठित ‘रेमन मैग्सेसे पुरस्कार’ भी मिल चुका है। इसके साथ ही उन्हें कई राष्‍ट्रीय व अंतरराष्‍ट्रीय सम्मान भी मिले हैं।

रचना संसार :

इट्स ऑलवेज पॉसिबल

वॉट वेंट रॉन्ग

एज आई सी

ब्रूम एंड ग्रूम

अपराइजिंग 2011

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