Achchha Bolne Ki Kala Aur Kamyabi (Hindi)


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आत्मसंयम के सामान्य सुझावों के साथ आंतरिक व्यक्तित्व के द्वारा बाहरी व्यक्तित्व को प्रभावित करने की विधि पर जोर दिया जाएगा। अंत में, छात्र को खुद अर्जित किए सिद्धांत, अवलोकन, दूसरों से अर्जित किए अनुभव और अपनी निजी भाषा-शैली के आधार पर बोलने और केवल बोलने के लिए प्रेरित किया जाता रहेगा।



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Achchha Bolne Ki Kala Aur Kamyabi By Dale Carnegie

Achchha Bolne Ki Kala Aur Kamyabi By Dale CarnegieAchchha Bolne Ki Kala Aur Kamyabi By Dale Carnegie

वह सामान्य व्यक्ति की तुलना में अधिक सफल होने की संभावना रखता है।

प्रखर वक्ता होना, ओजस्वी वाणी का स्वामी होना, प्रभावी शैली में श्रोताओं को मंत्र-मुग्ध कर देने की क्षमता जिसमें हो, वह सामान्य व्यक्ति की तुलना में अधिक सफल होने की संभावना रखता है। बातचीत करना भाषण की कला सीखने का सबसे पहला सिद्धांत है। शुरुआती दौर में स्वर एवं अंदाज जैसी कलाओं पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं होती है। बातचीत करना कला को सीखने का पहला सिद्धांत है; अर्थात् बोलिए, वाद-विवाद में हिस्सा लीजिए, अपनी प्रतिभा का स्वयं आकलन कीजिए और दर्शकों की आलोचना से सीखने की कोशिश कीजिए।सवाल है कि खुद की गलतियों को कैसे समझा जाए? इसके लिए कुछ तथ्यों को समझने की आवश्यकता है—महान् वक्ता में कौन से विशेष गुण होते हैं और उन गुणों को कैसे प्राप्त किया जा सकता है? स्वयं के व्यक्तित्व में ऐसी कौन सी कमी है, जो इन गुणों की प्राप्ति में बाधा बन सकती है? इस विषय पर महान् लेखक डेल कारनेगी की सदाबहार एवं सर्वाधिक पसंद की जानेवाली इस पुस्तक के द्वारा कोई भी सामान्य व्यक्ति दर्शकों के समक्ष बोलने के क्षेत्र में कामयाबी के शिखर तक पहुँच सकता है।

अनुक्रम

भूमिका

1. दर्शकों के समक्ष भरोसा हासिल करना

2. एक जैसे ढंग की नीरसता

3. प्रभाव एवं वशीभूतता द्वारा कुशलता

4. स्वर बदलने की कुशलता

5. गति में बदलाव की कुशलता

6. विराम एवं ऊर्जा

7. सुर बदलने की दक्षता

8. भाषण-शैली में एकाग्रता

9. बल

10. भावना एवं जोश

11. तैयारी के जरिए बहाव

12. स्वर

13. स्वर का जादू

14. भिन्नता एवं उच्चारण की शुद्धता

15. संकेतों से जुड़े सत्य

16. भाषा-शैली की पद्धति

17. विचार एवं सुरक्षित ऊर्जा

18. विषय एवं तैयारी

19. विवरण के द्वारा प्रभावित करना

20. चित्रण के द्वारा प्रभावित करना

21. वर्णन के द्वारा प्रभावित करना

22. सुझाव के द्वारा प्रभावित करना

23. वाद-विवाद के द्वारा प्रभावित करना

24. उत्साह द्वारा प्रभावित करना

25. जन-समूह को प्रभावित करना

26. पंख वाले घोड़े की सवारी

27. शदकोश का विकास

Cont…

Dale CarnegieDale Carnegie

डेल कारनेगी

डेल कार्नेगी (24 नवंबर, 1888-1 नवंबर, 1955)

विश्व-प्रसिद्ध अमेरिकी लेखक एवं व्याख्यानकर्ता, जिन्होंने व्यक्तित्व विकास, सेल्समैनशिप प्रशिक्षण, कॉरपोरेट ट्रेनिंग, सार्वजनिक भाषण कला तथा आत्मविकास के विभिन्न कोर्स प्रारंभ किए, जो अत्यंत लोकप्रिय हुए।उनकी पहली पुस्तक ‘हाउ टु विन फ्रेंड्स ऐंड इन्फ्लुएंस पीपल’ 1936 में प्रकाशित हुई, जिसे जबरदस्त सफलता मिली और वह अंतरराष्ट्रीय बेस्टसेलर पुस्तक बनी तथा आज तक बनी हुई है।उन्होंने अब्राहम लिंकन की एक जीवनी ‘लिंकन : दि अननोन’ के अलावा कई अन्य बेस्टसेलर पुस्तकें लिखी हैं।

डेल कारनेगी द्वारा लिखी लोकप्रिय पुस्तकें

चिंता छोड़ो सुख से जियो

लोक व्यवहार

अच्छा बोलने की कला और कामयाबी

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